तिरुलडीह: सरायकेला-खरसावां जिले के तिरुलडीह थाना क्षेत्र में अवैध बालू परिवहन के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा संभालते हुए सोमवार की देर रात बालू लदे एक हाईवा को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में लगातार अवैध बालू परिवहन की शिकायतें सामने आ रही थीं। कई बार प्रशासन को इसकी जानकारी देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीण खुद सड़क पर उतर आए। इसी दौरान संदिग्ध रूप से गुजर रहे हाईवा को ग्रामीणों ने रोककर पूछताछ की और दस्तावेजों की मांग की।
वाहन संख्या JH 05 CP 1505 में करीब 800 सीएफटी बालू लदा पाया गया। ग्रामीणों के मुताबिक, वाहन चालक बालू के परिवहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज, चालान और अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल तिरुलडीह पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हाईवा को बालू समेत जब्त कर थाना परिसर में सुरक्षित रख लिया। पुलिस ने मामले में विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बालू कहां से लाया गया था और इसे कहां ले जाया जा रहा था। अवैध खनन और परिवहन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध बालू परिवहन की शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि जब प्रशासन की कार्रवाई नजर नहीं आई तो उन्हें खुद सड़क पर उतरना पड़ा और कार्रवाई के लिए पुलिस को सूचना देनी पड़ी।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध बालू परिवहन के खिलाफ उनकी निगरानी आगे भी जारी रहेगी और संदिग्ध वाहनों की सूचना प्रशासन एवं पुलिस को दी जाएगी।
अवैध बालू परिवहन से जहां सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है, वहीं नदी और पर्यावरण पर इसके प्रतिकूल प्रभाव को लेकर भी ग्रामीण चिंतित हैं। अब देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन इस कार्रवाई के बाद अवैध बालू के कारोबार पर कितनी सख्ती बरतते हैं।




